9 नवंबर 2014 - 19:44
अमेरिकी इंटेलीजेन्स ने सीरिया में अलक़ाएदा पर हमला न किये जाने की  ताकीद की।

अमरीका के इंटेलीजेन्स अधिकारियों ने वाइट हाउस को सीरिया में अलक़ायदा से जुड़े चरमपंथियों पर किसी भी प्रकार के हमले के बारे में चेतावनी दी है।

अबनाः अमरीका के इंटेलीजेन्स अधिकारियों ने वाइट हाउस को सीरिया में अलक़ायदा से जुड़े चरमपंथियों पर किसी भी प्रकार के हमले के बारे में चेतावनी दी है।
अमरीकी युद्धक विमानों ने बृहस्पतिवार को पश्चिमी सीरिया में ख़ुरासान नामक संगठन को निशाना बनाया। ख़ुरासान का नाम अमरीकी अधिकारियों के मुंह से सुना गया है और उनका कहना है कि यह संगठन अलक़ायदा से जुड़े अन्नुस्रह फ़्रंट की एक शाखा है। अन्नुस्रह फ्रंट सीरिया में बश्शार असद सरकार के विरुद्ध युद्धरत है जबकि इस देश में कुछ अन्य आतंकी संगठनों से भी इसकी लड़ाई चल रही है। अन्नुस्रह की लड़ाई उन चरमपंथी संगठनों से हो रही है जिन्हें अमरीका का समर्थन प्राप्त है और अमरीका उन्हें मध्यमार्गी विरोधी कहता है। वाशिंग्टन के अनुसार यह संगठन, आईएसआईएल से लड़ रहा है।
गत सितम्बर महीने में अमरीकी सिनेट ने एक क़ानून पारित किया जिसके तहत अमरीकी सेना को अधिकृत किया गया है कि सीरिया में लड़ रहे मध्यमार्गी संगठनों को प्रशिक्षण दे। हालांकि 22 सितम्बर को सीरिया में अमरीकी सेना के वायु हमले शुरू होने से पहले इंटेलीजेन्स अधिकारियों ने अमरीकी अधिकारियों को चेतावनी दे दी थी कि यदि अलक़ायदा से जुड़े संगठन पर सीरिया में हमला किया गया तो अमरीका के समर्थन वाले गुटों और अन्नुस्रह गुट के बीच मतभेद उत्पन्न हो जाएंगे।
रिपोर्टों से पता चलता है कि 22 सितम्बर के हमले जिनमें अलक़ायदा तथा आईएसआईएल के ठिकानों को निशाना बनाया गया, इस बात का कारण बने कि अन्नुस्रह फ़्रंट ने अमरीका द्वारा समर्थित संगठनों पर हमले शुरू कर दिए। अन्नुस्रह ने इन संगठनों को अमरीकी एजेंट घोषित करते हुए उनकी कड़ी आलोचना की है।
वायु हमले शुरू होने के अवसर पर अमरीकी अधिकारियों ने कहा था कि इन हमलों में सबसे पहले ख़ुरासान संगठन को निशाना बनाया जाएगा अन्नुस्रह इसका पहला लक्ष्य नहीं होगा जबकि बहुत से चरमपंथी संगठनों का कहना है कि ख़ुरासान संगठन का नाम अमरीका ने केवल एक बहाने के रूप में पेश किया।
ऐसा लगता है कि अमरीकी अधिकारी इस बात को स्वीकार नहीं करना चाहते कि सीरिया में वायु हमलों का उनका अभियान बहुत व्यापक हो गया है।